महिला प्रकोष्ठ (Women Cell) किसी संस्था, संगठन, विद्यालय, महाविद्यालय या सरकारी विभाग में स्थापित एक विशेष इकाई होती है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण, जागरूकता और अधिकारों की रक्षा करना होता है।
महिला प्रकोष्ठ के प्रमुख कार्य एवं कर्तव्य:
1. महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना
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कार्यस्थल या शैक्षणिक संस्था में महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, भेदभाव या दुर्व्यवहार की रोकथाम करना।
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यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) की शिकायतों की जांच और समाधान करना, विशेषकर POSH अधिनियम (2013) के अंतर्गत।
2. जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना
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महिलाओं के अधिकार, क़ानूनी सहायता, स्वास्थ्य, आत्मरक्षा, लैंगिक समानता आदि विषयों पर सेमिनार, कार्यशालाएँ और जागरूकता अभियान चलाना।
3. सहायता और परामर्श (Counseling) प्रदान करना
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मानसिक, सामाजिक या घरेलू समस्या से जूझ रही महिलाओं को आवश्यक परामर्श देना।
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ज़रूरत पड़ने पर उन्हें संबंधित एजेंसियों/एनजीओ/कानूनी सहायता से जोड़ना।
4. महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, स्वरोज़गार प्रशिक्षण और उद्यमिता कार्यशालाएँ आयोजित करना।
5. शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) तैयार करना
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गोपनीयता बनाए रखते हुए महिलाओं की शिकायतें दर्ज करना और उचित समय में कार्रवाई सुनिश्चित करना।
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एक Internal Complaints Committee (ICC) या महिला शिकायत प्रकोष्ठ गठित करना।
6. महिलाओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना
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संस्था या कार्यस्थल में लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना।
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मातृत्व अवकाश, शौचालय, सुरक्षित परिसर जैसी बुनियादी सुविधाओं की निगरानी करना।
7. सरकारी योजनाओं और लाभों की जानकारी देना
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सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं (जैसे: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, महिला हेल्पलाइन, सुकन्या समृद्धि योजना आदि) की जानकारी और लाभ दिलवाना।
8. लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देना
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पुरुषों और महिलाओं दोनों के बीच समान अवसर, अधिकार और सम्मान को प्रोत्साहित करना।